भारतीय रेल देश की जीवनरेखा कही जाती है। लाखों यात्री रोज़ाना ट्रेनों से सफर करते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है। हाल ही में रेलवे ने एक बड़ा निर्णय लिया है जिसके तहत ट्रेनों की बोगियों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। यह कदम यात्रियों की सुरक्षा को मज़बूत करने, चोरी और तस्करी जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने तथा पारदर्शिता बढ़ाने के लिए उठाया गया है।
तस्कर अक्सर यात्रियों के सामान के बीच शराब की बोतलें छिपाकर बिहार भेजने की कोशिश करते हैं। इस पर रोक लगाने और यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है। जनसंपर्क अधिकारी अब हर डिब्बे में चार-चार सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिनमें प्रत्येक दरवाज़े पर एक-एक कैमरा होगा। वहीं इंजन में कुल छह कैमरे लगेंगे—दो आगे-पीछे और बाकी दोनों तरफ। इसके अलावा, प्रत्येक केबिन में एक डोम कैमरा और डेस्क पर दो माइक्रोफोन लगाए जाएंगे ताकि निगरानी और भी बेहतर हो सके।
उत्तर रेलवे ने पहले ही कुछ इंजनों और डिब्बों में इसका सफल परीक्षण कर लिया है। वंदे भारत एक्सप्रेस में भी यह व्यवस्था मौजूद है। रेलवे का कहना है कि लगाए जाने वाले सभी कैमरे नए तकनीकी मानकों के अनुसार होंगे। ये कैमरे तेज़ रफ़्तार (100 किमी/घंटा से ऊपर) और कम रोशनी में भी स्पष्ट व उच्च गुणवत्ता का फुटेज रिकॉर्ड करने में सक्षम होंगे।
अशोक कुमार ने बताया कि सामान्य यात्रियों के आवागमन वाले क्षेत्रों में कैमरे लगाने का मकसद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना है। रेलवे बोर्ड को जिन ट्रेनों और डिब्बों में कैमरे लगाए जाने हैं, उनकी सूची भेजी जा चुकी है। आने वाले समय में धीरे-धीरे सभी ट्रेनों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
रेलवे का यह कदम क्यों ज़रूरी?
भारतीय रेल दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क है। रोज़ाना लगभग 2.3 करोड़ यात्री इसमें यात्रा करते हैं। इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना आसान नहीं होता।
- चोरी, जेबकटाई और तस्करी की घटनाएँ बढ़ रही थीं।
- महिला यात्रियों की सुरक्षा एक बड़ी चिंता थी।
- कई बार अपराधियों का पता लगाना मुश्किल हो जाता था।
सीसीटीवी कैमरों से क्या होगा फायदा?
सीसीटीवी कैमरे केवल निगरानी का साधन ही नहीं बल्कि एक सुरक्षा कवच साबित होंगे।
- हर संदिग्ध गतिविधि कैमरे में रिकॉर्ड होगी।
- अपराधी आसानी से पकड़े जा सकेंगे।
- यात्रियों में सुरक्षा का भाव बढ़ेगा।
- रेलवे पुलिस (RPF) को जांच में आसानी होगी।
रेलवे के सुरक्षा उपाय पहले और अब
रेलवे में पहले भी कुछ सुरक्षा उपाय लागू किए गए थे जैसे –
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महिला डिब्बों में महिला आरपीएफ तैनात
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नाइट पेट्रोलिंग
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ट्रेन एस्कॉर्टिंग
लेकिन तकनीकी युग में केवल मानवीय निगरानी पर्याप्त नहीं रही। अब AI आधारित CCTV Surveillance यात्रियों को और अधिक सुरक्षित बनाएगा।
तस्करी पर लगेगी रोक
भारत में ट्रेनें तस्करों के लिए आसान रास्ता रही हैं। शराब, गांजा, मादक पदार्थ, सोना और नकली नोट तक ट्रेनों के माध्यम से ले जाए जाते हैं।
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सीसीटीवी फुटेज से RPF और GRP तुरंत अलर्ट हो पाएगी।
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संदिग्ध सामान और यात्रियों की पहचान आसानी से होगी।
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इससे सीमा पार तस्करी पर भी अंकुश लगेगा।
महिलाओं की सुरक्षा में बड़ा कदम
महिलाओं की सुरक्षा रेलवे के लिए हमेशा चुनौती रही है।
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छेड़छाड़ और चोरी की घटनाएँ अब कैमरे की नज़र से नहीं बच पाएंगी।
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पीड़िता सीधे शिकायत कर सकेगी और सबूत भी उपलब्ध होगा।
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अकेली यात्रा करने वाली महिलाओं को सुरक्षा का भरोसा मिलेगा।
यात्रियों की गोपनीयता का सवाल
कई लोग यह सवाल उठाते हैं कि सीसीटीवी कैमरों से उनकी निजता पर असर पड़ेगा। लेकिन रेलवे का कहना है कि –
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कैमरे सिर्फ सुरक्षा हेतु लगाए जा रहे हैं।
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रिकॉर्डिंग सीमित समय तक ही सुरक्षित रहेगी।
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केवल सुरक्षा एजेंसियों को ही एक्सेस दिया जाएगा।
डिजिटल इंडिया और स्मार्ट रेलवे की ओर कदम
यह कदम सिर्फ सुरक्षा के लिहाज़ से ही नहीं बल्कि डिजिटल इंडिया मिशन की ओर भी एक बड़ा कदम है।
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स्मार्ट रेलवे प्रोजेक्ट का हिस्सा
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यात्रियों को हाईटेक सुविधाएँ
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आने वाले समय में फेस रिकग्निशन टेक्नोलॉजी भी जुड़ सकती है
यात्रियों की प्रतिक्रिया
यात्रियों में इस फैसले को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
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अधिकतर यात्री खुश हैं कि अब सुरक्षा का स्तर और मज़बूत होगा।
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कुछ लोग निजता (Privacy) पर सवाल उठा रहे हैं।
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कुल मिलाकर आम जनता इसे एक स्वागत योग्य कदम मान रही है।
आने वाले समय में रेलवे की योजनाएँ
रेलवे भविष्य में और भी कदम उठा सकता है –
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सभी प्रमुख ट्रेनों में CCTV अनिवार्य
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AI आधारित Monitoring
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पैनिक बटन और ऑटो अलर्ट सिस्टम
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रेलवे स्टेशन और प्लेटफॉर्म पर फेस रिकग्निशन कैमरे
ट्रेनों की बोगियों में सीसीटीवी कैमरे लगाना रेलवे की एक क्रांतिकारी पहल है। यह न केवल यात्रियों की सुरक्षा को बढ़ाएगा बल्कि अपराध और तस्करी जैसी समस्याओं पर भी लगाम लगाएगा। आने वाले समय में जब हर ट्रेन और हर स्टेशन इस तकनीक से जुड़ जाएगा, तब भारतीय रेल वाकई सुरक्षित और स्मार्ट रेलवे कहलाएगी।



